Tuesday, August 9, 2011

देखते ही देखते कायनात बदल गई,
सोती आँखों में ही रात बदल गई,
न बदला तो सिर्फ मेरा ये दिल ऐ "दीप",
कहते हैं लोग कि हर बात बदल गई |

2 comments:

S.N SHUKLA said...

बहुत सुन्दर रचना , बहुत खूबसूरत अंदाज

शिखा कौशिक said...

वाह !

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